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Gita / Chapter 11.4
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Sanskrit
Hindi
Sanskrit

मन्यसे यदि तच्छक्यं मया द्रष्टुमिति प्रभो | योगेश्वर ततो मे त्वं दर्शयात्मानमव्ययम्

Transliteration

manyase yadi tacchakyaṃ mayā draṣṭumiti prabho . yogeśvara tato me tvaṃ darśayātmānamavyayam

English

O Lord, if You think that it is possible to be seen by me, then, O Lord of Yoga, You show me Your eternal Self.

Hindi

हे प्रभो ! यदि आप मानते हैं कि मेरे द्वारा वह आपका रूप देखा जाना संभव है, तो हे योगेश्वर ! आप अपने अव्यय रूप का दर्शन कराइये।।

Sanskrit
English
मन्यसे
Thou thinkest
यदि
if
तत्
that
शक्यम्
possible
मया
by me
द्रष्टुम्
to see
इति
thus
प्रभो
O Lord
योगेश्वर
O Lord of Yogins
ततः
then
मे
me
त्वम्
Thou
दर्शय
show
आत्मानम् (Thy)
Self
अव्ययम्
imperishable.
Hindi

पूर्व श्लोक में व्यक्त की गई इच्छा को ही यहाँ पूर्ण नम्रता एवं सम्मान के साथ दोहराया गया है। अपने सामान्य व्यावहारिक जीवन में भी हम सम्मान पूर्वक प्रार्थना अथवा नम्र अनुरोध करते समय इस प्रकार की भाषा का प्रयोग करते हैं? जैसे यदि मुझे कुछ कहने की अनुमति दी जाये? मुझ पर बड़ी कृपा होगी? मुझे प्रस्तुत करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है इत्यादि। पाण्डव राजपुत्र अर्जुन? मानो? पुनर्विचार के फलस्वरूप पूर्व प्रयुक्त अपनी सैनिकी भाषा को त्यागकर नम्रभाव से अनुरोध करता है कि? यदि आप मुझे योग्य समझें? त