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Gita / Chapter 2.25
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Sanskrit
Hindi
Sanskrit

अव्यक्तोऽयमचिन्त्योऽयमविकार्योऽयमुच्यते | तस्मादेवं विदित्वैनं नानुशोचितुमर्हसि

Transliteration

avyakto.ayamacintyo.ayamavikāryo.ayamucyate . tasmādevaṃ viditvainaṃ nānuśocitumarhasi

English

It is said that This is unmanifest; This is inconceivable; This is unchangeable. Therefore, having known This thus, you ougth not to grieve.

Hindi

यह आत्मा अव्यक्त,  अचिन्त्य और अविकारी कहा जाता है;  इसलिए इसको इस प्रकार जानकर तुमको शोक करना उचित नहीं है।।

Sanskrit
English
अव्यक्तः
unmanifested
अयम्
this (Self)
अचिन्त्यः
unthinkable
अयम्
this
अविकार्यः
unchangeable
अयम्
this
उच्यते
is said
तस्मात्
therefore
एवम्
thus
विदित्वा
having known
एनम्
this
न
not
अनुशोचितुम्
to grieve
अर्हसि (thou)
oughtest.
Hindi

आत्मा के स्वरूप को भगवान् यहाँ और अधिक स्पष्ट करते हैं। यहाँ प्रयुक्त शब्दों के द्वारा सत्य का निर्देश युक्तिपूर्वक किया गया है।अव्यक्त पंचमहाभूतों में जो सबसे अधिक स्थूल है जैसे पृथ्वी उसका ज्ञान पांचों ज्ञानेन्द्रियों के द्वारा होता है। परन्तु जैसेजैसे सूक्ष्मतर तत्त्व तक हम पहुँचते हैं वैसे यह ज्ञात होता है कि उसका ज्ञान पांचों प्रकार से नहीं होता। जल में गंध नहीं है और अग्नि में रस नहीं है तो वायु में रूप भी नहीं है। इस प्रकार आकाश सूक्ष्मतम होने से दृष्टिगोचर नहीं होता। स्वभावत जो