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Gita / Chapter 3.19
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Sanskrit
Hindi
Sanskrit

तस्मादसक्तः सततं कार्यं कर्म समाचर | असक्तो ह्याचरन्कर्म परमाप्नोति पूरुषः

Transliteration

tasmādasaktaḥ satataṃ kāryaṃ karma samācara . asakto hyācarankarma paramāpnoti pūruṣaḥ

English

Therefore, remaining unattached, always perform the obligatory duty, for, by performing (one’s) duty without attachment, a person attains the Highest.

Hindi

इसलिए,  तुम अनासक्त होकर सदैव कर्तव्य कर्म का सम्यक् आचरण करो;  क्योकि,  अनासक्त पुरुष कर्म करता हुआ परमात्मा को प्राप्त होता है।।

Sanskrit
English
तस्मात्
therefore
असक्तः
without attachment
सततम्
always
कार्यम्
which should be done
कर्म
action
समाचर
perform
असक्तः
without attachment
हि
because
आचरन्
performing
कर्म
action
परम्
the Supreme
आप्नोति
attains
पूरुषः
man.
Hindi

भगवान् श्रीकृष्ण उपदेश के समय यह मानकर चलते हैं कि अर्जुन इस विषय में पूर्णतया अनभिज्ञ है परन्तु साथ ही वे उस पर केवल अपने विचार को थोपना भी नहीं चाहते जिन्हें अन्धविश्वासपूर्वक वह स्वीकार कर ले। धर्म परिवर्तन कराना वेदान्त का कार्य नहीं। हिन्दू लोग इससे अनभिज्ञ हैं। कोई भी विधेयात्मक (ऐसा करो) उपदेश देने के पूर्व विस्तार से तर्क प्रस्तुत किये जाते हैं। कर्म के चक्र को पूर्णत बताने के बाद अब इस श्लोक में वे अन्तिम निर्णय पर पहुँच कर अर्जुन को कर्म करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।इसलिये