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Gita / Chapter 4.17
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Sanskrit
Hindi
Sanskrit

कर्मणो ह्यपि बोद्धव्यं बोद्धव्यं च विकर्मणः | अकर्मणश्च बोद्धव्यं गहना कर्मणो गतिः

Transliteration

karmaṇo hyapi boddhavyaṃ boddhavyaṃ ca vikarmaṇaḥ . akarmaṇaśca boddhavyaṃ gahanā karmaṇo gatiḥ

English

For there is something to be known even about action, and something to be known about prohibited action; and something has to be known about inaction. The true nature of action is inscrutable.

Hindi

कर्म का (स्वरूप) जानना चाहिये और विकर्म का (स्वरूप) भी जानना चाहिये ; (बोद्धव्यम्) तथा अकर्म का भी (स्वरूप) जानना चाहिये (क्योंकि) कर्म की गति गहन है।।

Sanskrit
English
कर्मणः
of action
हि
for
अपि
also
बोद्धव्यम्
should be known
बोद्धव्यम्
should be known
च
and
विकर्मणः
of the forbidden action
अकर्मणः
of inaction
च
and
बोद्धव्यम्
should be known
गहना
deep
कर्मणः
of action
गतिः
the path.No
Hindi

जीवन क्रियाशील है। क्रिया की समाप्ति ही मृत्यु का आगमन है। क्रियाशील जीवन में ही हम उत्थान और पतन को प्राप्त हो सकते हैं। एक स्थान पर स्थिर जल सड़ता और दुर्गन्ध फैलाता है जबकि सरिता का प्रवाहित जल सदा स्वच्छ और शुद्ध बना रहता है। जीवन शक्ति की उपस्थिति में कर्मो का आत्यन्तिक अभाव नहीं हो सकता।चूँकि मनुष्य को जीवनपर्यन्त क्रियाशील रहना आवश्यक है इसलिये प्राचीन मनीषियों ने जीवन के सभी सम्भाव्य कर्मों का अध्ययन किया क्योंकि वे जीवन का मूल्यांकन उसके पूर्णरूप में करना चाहते थे। निम्नांकित त