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Gita / Chapter 7.14
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Sanskrit
Hindi
Sanskrit

दैवी ह्येषा गुणमयी मम माया दुरत्यया | मामेव ये प्रपद्यन्ते मायामेतां तरन्ति ते

Transliteration

daivī hyeṣā guṇamayī mama māyā duratyayā . māmeva ye prapadyante māyāmetāṃ taranti te

English

Since this divine Maya of Mine which is constituted by the gunas is difficult to cross over, (therefore) those who take refuge in Me alone cross over this Maya.

Hindi

यह दैवी त्रिगुणमयी मेरी माया बड़ी दुस्तर है। परन्तु जो मेरी शरण में आते हैं, वे इस माया को पार कर जाते हैं।।

Sanskrit
English
दैवी
divine
हि
verily
एषा
this
गुणमयी
made of Gunas
मम
My
माया
illusion
दुरत्यया
difficult to cross over
माम्
to Me
एव
even
ये
who
प्रपद्यन्ते
take refuge
मायाम्
illusion
एताम्
this
तरन्ति
cross over
ते
they.
Hindi

भगवान् श्रीकृष्ण स्वयं यह स्वीकार करते हैं कि अहंकार से युक्त आत्मकेन्द्रित पुरुष के लिए मेरी माया से उत्पन्न मोह को पार कर पाना दुस्तर है। यदि कोई चिकित्सक रोगी के रोग को पहचान कर कहे कि इस रोग के निवारण के लिए कोई औषधि नहीं है तो कोई भी रोगी सावधानी उत्साह तथा श्रद्धा के साथ चिकित्सक की सलाह के अनुसार उपचार नहीं करेगा। इसी प्रकार यदि भवरोगियों के चिकित्सक भगवान् श्रीकृष्ण रोग का कारण माया को बताकर उसे दुस्तर घोषित करें तो कौन व्यक्ति श्रद्धा के साथ उनके निराशावादी उपदेश का अनुकरण करेग