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Gita / Chapter 7.20
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Sanskrit
Hindi
Sanskrit

कामैस्तैस्तैर्हृतज्ञानाः प्रपद्यन्तेऽन्यदेवताः | तं तं नियममास्थाय प्रकृत्या नियताः स्वया

Transliteration

kāmaistaistairhṛtajñānāḥ prapadyante.anyadevatāḥ . taṃ taṃ niyamamāsthāya prakṛtyā niyatāḥ svayā

English

People, deprived of their wisdom by desires for various objects and guided by their own nature, resort to other deities following the relevant methods.

Hindi

भोगविशेष की कामना से जिनका ज्ञान हर लिया गया है, ऐसे पुरुष अपने स्वभाव से प्रेरित हुए अन्य देवताओं को विशिष्ट नियम का पालन करते हुए भजते हैं।।

Sanskrit
English
कामैः
by desires
तैः तैः
by this or that
हृतज्ञानाः
those whose wisdom has been rent away
प्रपद्यन्ते
approach
अन्यदेवताः
other gods
तम् तम्
this or that
नियमम्
rite
आस्थाय
having followed
प्रकृत्या
by nature
नियताः
led
स्वया
by ones own.
Hindi

विवेक सार्मथ्य मानव जन्म की विशेषता है और यह सर्वथा असंभव है कि विवेक के प्रखर और सजग होने पर मनुष्य को आत्मज्ञान न हो सके। परन्तु मन की बहिर्मुखी प्रवृत्तियां और विषयभोग की कामनायें उसके विवेक को आच्छादित कर देती हैं।देवता शब्द के अनेक अर्थ हैं जैसे प्रकृति के नियमों के अधिष्ठाता देवता इन्द्र वरुण आदि इन्द्रियां किसी कार्य क्षेत्र में निहित उत्पादन क्षमता आदि। यहाँ इनमें से कोई भी अर्थ लेकर इस श्लोक का अध्ययन करने पर यही ज्ञात होता है कि भोगी पुरुष इनकी आराधना केवल वैषयिक सुख को प्राप